डाली में 32 वर्षों से रावण दहन की परंपरा कायम, उमड़े हजारों लोग- 40 फीट ऊंचे रावण के पुतले का दहन, भक्ति गीतों ने बांधा समां
छतरपुर, पलामू ।
अधर्म पर धर्म और बुराई पर अच्छाई की जीत के प्रतीक विजयादशमी पर छतरपुर प्रखंड के डाली स्थित कौशल नगर के अकेलवा मैदान में बुधवार को भक्ति जागरण सह मेला का आयोजन हर्षोल्लास के साथ किया गया। पर्यावरणविद् डॉ. कौशल किशोर जायसवाल के निजी प्रयासों से यहां पिछले 32 वर्षों से रावण दहन की परंपरा निभाई जा रही है। मेले में दर्जनों गांवों के हजारों लोग शामिल हुए।
कार्यक्रम का उद्घाटन जिला परिषद सदस्य अमित कुमार जायसवाल, मुखिया पूनम जायसवाल, महेजर यादव. मनोज यादव. मेला अध्यक्ष इस्लाम अंसारी.पंचायत समिति शहाबुद्दीन अंसारी. उप मुखिया नगीना खातून. धर्मदेव यादव. शिवनाथ राम.बाबूराम. गुलाम गौस. रजिया अहमद. रघुनाथ प्रसाद. कोमल यादव. अमरेश यादव और अन्य अतिथियों ने संयुक्त रूप से फीता काटकर किया। इस दौरान डॉ. कौशल किशोर जायसवाल ने पर्यावरण धर्म के तहत कन्या पूजन कर थाईलैंड प्रजाति का आम का पौधा भेंट किया। रावण का पुतला बनाने वाले कारीगरों देवराज विश्वकर्मा, विजय रजक, धीरज जायसवाल और कामेश्वर राम को अंगवस्त्र देकर सम्मानित किया गया।
भक्ति जागरण में शिशिर कुमार शुक्ला जी के टीम में गायक मिनी पवन सिंह और गायिका चांदनी कुमारी ने गणेश वंदना और भक्ति गीतों से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध किया। इसके बाद जिला परिषद सदस्य अमित कुमार जायसवाल और थाना प्रभारी सौरभ कुमार चौबे ने 40 फीट ऊंचे रावण के पुतले का दहन किया। जय श्रीराम और जय मां दुर्गे के जयकारों से पूरा क्षेत्र गूंज उठा।
अमित कुमार जायसवाल ने लोगों को दुर्गापूजा की शुभकामनाएं देते हुए डाली को प्रखंड बनाने के अपने संकल्प को दोहराया। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में शिक्षा, चिकित्सा और रोजगार के विकास के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।
रावण दहन के बाद मां दुर्गा की प्रतिमाओं का गाजे-बाजे के साथ विसर्जन किया गया। श्रद्धालुओं ने नम आंखों से मां को विदाई दी। आयोजन में सभी जाति-धर्म के लोगों की भागीदारी रही। कार्यक्रम का संचालन जुबेर आलम ने किया।