नेपाल में वन राखी मूवमेंट की स्वर्ण जयंती पर डॉ. कौशल ने किया पौधारोपण, दिलाई पर्यावरण संरक्षण की शपथ
नेपाल में जलवायु परिवर्तन व पर्यावरण संरक्षण पर आयोजित सेमिनार में भारत की ओर से प्रतिनिधित्व करेंगे पर्यावरणविद डॉ कौशल
पोखरा (नेपाल)
वन राखी मूवमेंट की स्वर्ण जयंती एवं पौधारोपण के 60 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर पर्यावरणविद् डॉ. कौशल किशोर जायसवाल अपनी धर्मपत्नी डाली मुखिया पूनम जायसवाल तथा पुत्र सह छतरपुर पूर्वी के जिला परिषद सदस्य अमित कुमार जायसवाल के साथ पांच दिवसीय नेपाल दौरे पर हैं। इस दौरान वे अंतरराष्ट्रीय पर्यावरण संरक्षण एवं जलवायु परिवर्तन विषय पर आयोजित तीन दिवसीय कार्यक्रम में भारत का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं।
सोमवार को नेपाल के पोखरा स्थित सारंग व्यू प्वाइंट पर आयोजित कार्यक्रम का शुभारंभ कन्या पूजन, पर्यावरण धर्म की प्रार्थना एवं पौधारोपण के साथ किया गया। वहीं कार्यक्रम का समापन वन राखी मूवमेंट की स्वर्ण जयंती के अवसर पर वृक्षों को राखी बांधकर किया गया।
मौके पर डॉ. कौशल ने उपस्थित लोगों को पर्यावरण धर्म के आठ मूल मंत्रों की शपथ दिलाई। उन्होंने कहा कि कन्या पूजन से धरती की तथा पौधा पूजन से पूरे ब्रह्मांड की सुरक्षा होती है। उन्होंने कहा कि सभी धर्मों का वे सम्मान करते हैं, लेकिन सूर्य देव और वृक्ष देव के बिना किसी भी जीव के अस्तित्व की कल्पना नहीं की जा सकती।
डॉ. कौशल ने कहा कि आज पूरी दुनिया का सबसे बड़ा शत्रु प्रदूषण है। जिसके कारण जलवायु परिवर्तन जैसी गंभीर समस्याएं उत्पन्न हो रही हैं। यदि इस संकट को रोकना है तो दुनिया के सभी लोगों को अपने-अपने धर्म के साथ पर्यावरण धर्म के आठ मूल मंत्रों को भी अपने दैनिक जीवन में अपनाना होगा। इसके अलावा कोई दूसरा विकल्प नहीं है।
कार्यक्रम में जालंधर के प्रो. राहुल यादव, प्रो. अभिषेक यादव, महाराष्ट्र के जितेंद्र कुमार, सुरेंद्र मक्खन सहित कई पर्यावरण प्रेमी एवं सामाजिक कार्यकर्ता उपस्थित थे।
फोटो कैप्शन: नेपाल के पोखरा स्थित सारंग व्यू प्वाइंट पर वन राखी मूवमेंट की स्वर्ण जयंती के अवसर पर वृक्षों को राखी बांधते एवं पौधारोपण करते डॉ. कौशल किशोर जायसवाल, उनकी धर्मपत्नी डाली मुखिया पूनम जायसवाल, पुत्र अमित कुमार जायसवाल एवं अन्य।