फर्जी आईडी से धान खरीद का खेल! पत्नी-मां के खातों में कराया भुगतान, 500 क्विंटल धान का नहीं मिला हिसाब
नावाबाजार, पलामू।
नावाबाजार प्रखंड के कंडा पैक्स में धान खरीद के नाम पर करीब 13.87 लाख रुपये की वित्तीय अनियमितता का मामला सामने आया है। पुलिस जांच में पैक्स के कंप्यूटर ऑपरेटर राहुल गुप्ता की कथित भूमिका सामने आने के बाद उसे गिरफ्तार कर गुरुवार को जेल भेज दिया गया।
पुलिस के मुताबिक, कंप्यूटर ऑपरेटर पर आरोप है कि उसने फर्जी आईडी तैयार कर धान की खरीद कागजों में दर्शाई और उसके भुगतान को दूसरे बैंक खातों में ट्रांसफर कराया। जांच में यह भी सामने आया कि कथित फर्जी भुगतान के लिए राहुल की पत्नी और मां के बैंक खातों का इस्तेमाल किया गया।
करीब 6 हजार क्विंटल धान की हुई थी खरीद
कंडा पैक्स के रिकॉर्ड के अनुसार करीब 6 हजार क्विंटल धान की खरीद दिखाई गई थी। इसमें से लगभग 4 हजार क्विंटल धान का भुगतान सरकार की ओर से किया जा चुका था। इसके बाद किसानों ने बकाया राशि के भुगतान की मांग शुरू की।
इसी बीच धान की खरीद और स्टॉक का सत्यापन कराया गया। जांच में रिकॉर्ड और वास्तविक स्टॉक के बीच अंतर सामने आया। कागजों में करीब 6 हजार क्विंटल धान की खरीद दर्ज थी, जबकि पैक्स के पास करीब 5,500 क्विंटल धान का ही हिसाब मिला।
इस तरह करीब 500 क्विंटल धान का कोई स्पष्ट हिसाब नहीं मिला। पुलिस जांच में आरोप है कि फर्जी आईडी के जरिए इस धान की खरीद दर्शाई गई, जबकि संबंधित धान पैक्स के गोदाम तक पहुंचा ही नहीं। इसके बावजूद करीब 13.87 लाख रुपये का भुगतान कर दिया गया।
पैक्स अध्यक्ष ने दर्ज कराई थी प्राथमिकी
मामला सामने आने के बाद कंडा पैक्स अध्यक्ष प्रभुनारायण सिंह ने नावाबाजार थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई। इसके बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की।
नावाबाजार थाना प्रभारी संजय कुमार यादव के अनुसार, प्रारंभिक अनुसंधान में कंप्यूटर ऑपरेटर राहुल गुप्ता और उसके एक दोस्त की भूमिका सामने आई है। पुलिस दोनों को मामले में महत्वपूर्ण आरोपी मानकर जांच कर रही है। राहुल गुप्ता को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है।
पुलिस अब फर्जी आईडी तैयार करने, बैंक खातों में हुए लेनदेन और पूरे मामले में शामिल अन्य लोगों की भूमिका की जांच कर रही है।